तो उनके रुपए मारे न जा सकते थे।
एक दिन होरी ने गोबर के पास दो-तीन दिन के लिए जाने का प्रस्ताव किया।
मगर धनिया अभी तक गोबर के वह कठोर शब्द न भूली थी। वह गोबर से एक पैसा भी न लेना चाहती थी, किसी तरह नहीं।
होरी ने झुँझला कर कहा - लेकिन काम कैसे चलेगा, यह बता?
धनिया सिर हिला कर बोली - मान लो, गोबर परदेस न गया होता, तब तुम क्या करते? वही अब करो।
होरी की जबान बंद हो गई। एक क्षण बाद बोला - मैं तो तुझसे पूछता हूँ।
तो उनके रुपए मारे न जा सकते थे।
एक दिन होरी ने गोबर के पास दो-तीन दिन के लिए जाने का प्रस्ताव किया।
मगर धनिया अभी तक गोबर के वह कठोर शब्द न भूली थी। वह गोबर से एक पैसा भी न लेना चाहती थी, किसी तरह नहीं।
होरी ने झुँझला कर कहा - लेकिन काम कैसे चलेगा, यह बता?
धनिया सिर हिला कर बोली - मान लो, गोबर परदेस न गया होता, तब तुम क्या करते? वही अब करो।
होरी की जबान बंद हो गई। एक क्षण बाद बोला - मैं तो तुझसे पूछता हूँ।