गोदान - Godan

पेड़-पालो हैं, घर है, जवान बेटा है। तुम्हारे रुपए मारे न जाएँगे, मेरी इज्जत जा रही है, इसे सँभालो। मगर दुलारी ने दया को व्यापार में मिलाना स्वीकार न किया। अगर व्यापार को वह दया का रूप दे सकती, तो उसे कोई आपत्ति न होती। पर दया को व्यापार का रूप देना उसने न सीखा था।

होरी ने घर आ कर धनिया से कहा - अब?

धनिया ने उसी पर दिल का गुबार निकाला - यही तो तुम चाहते थे!

होरी ने जख्मी आँखों से देखा - मेरा ही दोस है?

'किसी का दोस हो, हुई तुम्हारे मन की।'


1292 of 1753

पेड़-पालो हैं, घर है, जवान बेटा है। तुम्हारे रुपए मारे न जाएँगे, मेरी इज्जत जा रही है, इसे सँभालो। मगर दुलारी ने दया को व्यापार में मिलाना स्वीकार न किया। अगर व्यापार को वह दया का रूप दे सकती, तो उसे कोई आपत्ति न होती। पर दया को व्यापार का रूप देना उसने न सीखा था।

होरी ने घर आ कर धनिया से कहा - अब?

धनिया ने उसी पर दिल का गुबार निकाला - यही तो तुम चाहते थे!

होरी ने जख्मी आँखों से देखा - मेरा ही दोस है?

'किसी का दोस हो, हुई तुम्हारे मन की।'


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