गोदान - Godan



नोहरी ने कातर स्वर में कहा - ऐसे ही तुम लोगों से मिलने चली आई। बिटिया का ब्याह कब तक है?

धनिया संदिग्ध भाव से बोली - भगवान के अधीन है, जब हो जाए।

'मैंने तो सुना, इसी सहालग में होगा। तिथि ठीक हो गई है?'

'हाँ, तिथि तो ठीक हो गई है।'

'मुझे भी नेवता देना।'

'तुम्हारी तो लड़की है, नेवता कैसा?'

'दहेज का सामान तो मँगवा लिया होगा? जरा मैं भी देखूँ।'

धनिया असमंजस में पड़ी, क्या कहे। होरी ने उसे सँभाला - अभी तो कोई सामान नहीं मँगवाया है,


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नोहरी ने कातर स्वर में कहा - ऐसे ही तुम लोगों से मिलने चली आई। बिटिया का ब्याह कब तक है?

धनिया संदिग्ध भाव से बोली - भगवान के अधीन है, जब हो जाए।

'मैंने तो सुना, इसी सहालग में होगा। तिथि ठीक हो गई है?'

'हाँ, तिथि तो ठीक हो गई है।'

'मुझे भी नेवता देना।'

'तुम्हारी तो लड़की है, नेवता कैसा?'

'दहेज का सामान तो मँगवा लिया होगा? जरा मैं भी देखूँ।'

धनिया असमंजस में पड़ी, क्या कहे। होरी ने उसे सँभाला - अभी तो कोई सामान नहीं मँगवाया है,


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