जाता था। एक दिन चुहिया नदी स्नान करने चली गई। बच्चा भूख के मारे छटपटाने लगा। चुहिया दस बजे लौटी, तो झुनिया बच्चे को कंधों से लगाए झुला रही थी और बच्चा रोए जाता था। चुहिया ने बच्चे को उसकी गोद से ले कर दूध पिला देना चाहा, पर झुनिया ने उसे झिड़क कर कहा - रहने दो। अभागा मर जाय, वही अच्छा। किसी का एहसान तो न लेना पड़े।
चुहिया गिड़गिड़ाने लगी। झुनिया ने बड़े अदरावन के बाद बच्चा उसकी गोद में दिया।
लेकिन झुनिया और गोबर में
जाता था। एक दिन चुहिया नदी स्नान करने चली गई। बच्चा भूख के मारे छटपटाने लगा। चुहिया दस बजे लौटी, तो झुनिया बच्चे को कंधों से लगाए झुला रही थी और बच्चा रोए जाता था। चुहिया ने बच्चे को उसकी गोद से ले कर दूध पिला देना चाहा, पर झुनिया ने उसे झिड़क कर कहा - रहने दो। अभागा मर जाय, वही अच्छा। किसी का एहसान तो न लेना पड़े।
चुहिया गिड़गिड़ाने लगी। झुनिया ने बड़े अदरावन के बाद बच्चा उसकी गोद में दिया।
लेकिन झुनिया और गोबर में