गोदान - Godan

हुए मिल में दाखिल हुए और पराजित हड़ताली अपने हताहतों को उठा-उठा कर अस्पताल पहुँचाने लगे, मगर अस्पताल में इतने आदमियों के लिए जगह न थी। मिर्जा जी तो ले लिए गए। गोबर की मरहम-पट्टी करके उसके घर पहुँचा दिया गया।

झुनिया ने गोबर की वह चेष्टाहीन लोथ देखी, तो उसका नारीत्व जाग उठा। अब तक उसने उसे सबल के रूप में देखा था, जो उस पर शासन करता था, डाँटता था, मारता था। आज वह अपंग था, निस्सहाय था, दयनीय था। झुनिया ने खाट पर झुक कर


1352 of 1753

हुए मिल में दाखिल हुए और पराजित हड़ताली अपने हताहतों को उठा-उठा कर अस्पताल पहुँचाने लगे, मगर अस्पताल में इतने आदमियों के लिए जगह न थी। मिर्जा जी तो ले लिए गए। गोबर की मरहम-पट्टी करके उसके घर पहुँचा दिया गया।

झुनिया ने गोबर की वह चेष्टाहीन लोथ देखी, तो उसका नारीत्व जाग उठा। अब तक उसने उसे सबल के रूप में देखा था, जो उस पर शासन करता था, डाँटता था, मारता था। आज वह अपंग था, निस्सहाय था, दयनीय था। झुनिया ने खाट पर झुक कर


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