गोदान - Godan

अधययन और सद्भाव की शक्ति थी।

सहसा मेहता ने पूछा - आपने अपनी देवी जी से भी इस विषय में राय ली?

खन्ना ने सकुचाते हुए कहा - हाँ पूछा था।

'उनकी क्या राय थी?'

'वही जो आपकी है।'

'मुझे यही आशा थी। और आप उस विदुषी को अयोग्य समझते हैं।'

उसी वक्त मालती आ पहुँची और खन्ना को देख कर बोली - अच्छा, आप विराज रहे हैं - मैंने मेहता जी की आज दावत की है। सभी चीजें अपने हाथ से पकाई हैं। आपको भी नेवता देती हूँ। गोविंदी देवी से आपका यह अपराध क्षमा करा दूँगी।


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अधययन और सद्भाव की शक्ति थी।

सहसा मेहता ने पूछा - आपने अपनी देवी जी से भी इस विषय में राय ली?

खन्ना ने सकुचाते हुए कहा - हाँ पूछा था।

'उनकी क्या राय थी?'

'वही जो आपकी है।'

'मुझे यही आशा थी। और आप उस विदुषी को अयोग्य समझते हैं।'

उसी वक्त मालती आ पहुँची और खन्ना को देख कर बोली - अच्छा, आप विराज रहे हैं - मैंने मेहता जी की आज दावत की है। सभी चीजें अपने हाथ से पकाई हैं। आपको भी नेवता देती हूँ। गोविंदी देवी से आपका यह अपराध क्षमा करा दूँगी।


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