खन्ना को कौतूहल हुआ। अब मालती अपने हाथों से खाना पकाने लगी है? मालती, वही मालती, जो खुद कभी अपने जूते न पहनती थी, जो खुद कभी बिजली का बटन तक न दबाती थी, विलास और विनोद ही जिसका जीवन था!
मुस्कराकर कहा - अगर आपने पकाया है तो जरूर आऊँगा। मैं तो कभी सोच ही न सकता था कि आप पाक-कला में भी निपुण हैं।
मालती नि:संकोच भाव से बोली - इन्होंने मार-मार कर वैद्य बना दिया। इनका हुक्म कैसे टाल देती? पुरुष देवता ठहरे!
खन्ना ने
खन्ना को कौतूहल हुआ। अब मालती अपने हाथों से खाना पकाने लगी है? मालती, वही मालती, जो खुद कभी अपने जूते न पहनती थी, जो खुद कभी बिजली का बटन तक न दबाती थी, विलास और विनोद ही जिसका जीवन था!
मुस्कराकर कहा - अगर आपने पकाया है तो जरूर आऊँगा। मैं तो कभी सोच ही न सकता था कि आप पाक-कला में भी निपुण हैं।
मालती नि:संकोच भाव से बोली - इन्होंने मार-मार कर वैद्य बना दिया। इनका हुक्म कैसे टाल देती? पुरुष देवता ठहरे!
खन्ना ने