है - इतने अरमान से लाए और अब लौटाने जा रहे हो? क्या भोला रुपए माँगते हैं?
'नहीं, भोला यहाँ कब आया।'
'तो फिर क्या बात हुई।'
'क्या करोगी पूछ कर?'
धनिया ने लपक कर पगहिया उसके हाथ से छीन ली। उसकी चपल बुद्धि ने जैसे उड़ती हुई चिड़िया पकड़ ली। बोली - तुम्हें भाइयों का डर हो, तो जा कर उनके पैरों पर गिरो। मैं किसी से नहीं डरती। अगर हमारी बढ़ती देख कर किसी की छाती फटती है, तो फट जाय, मुझे परवाह नहीं है।
होरी ने विनीत स्वर में कहा - धीरे-धीरे बोल महरानी! कोई सुने,
है - इतने अरमान से लाए और अब लौटाने जा रहे हो? क्या भोला रुपए माँगते हैं?
'नहीं, भोला यहाँ कब आया।'
'तो फिर क्या बात हुई।'
'क्या करोगी पूछ कर?'
धनिया ने लपक कर पगहिया उसके हाथ से छीन ली। उसकी चपल बुद्धि ने जैसे उड़ती हुई चिड़िया पकड़ ली। बोली - तुम्हें भाइयों का डर हो, तो जा कर उनके पैरों पर गिरो। मैं किसी से नहीं डरती। अगर हमारी बढ़ती देख कर किसी की छाती फटती है, तो फट जाय, मुझे परवाह नहीं है।
होरी ने विनीत स्वर में कहा - धीरे-धीरे बोल महरानी! कोई सुने,