गोदान - Godan



'मिस्टर मेहता भी तो क्वाँरे हैं...'

'यह रोग सभी फिलासफरों को होता है।'

अब मेहता को अवसर मिला। बोले - आप भी तो इसी मरज में गिरफ्तार हैं?

'मैंने प्रतिज्ञा की है, कि किसी फिलासफर से शादी करूँगी और यह वर्ग शादी के नाम से घबराता है। हसबेंड साहब तो स्त्री को देख कर घर में छिप जाते थे। उनके शिष्यों में कई लड़कियाँ थीं। अगर उनमें से कोई कभी कुछ पूछने के लिए उनके ऑफिस में चली जाती थी, तो आप ऐसे घबड़ा जाते, जैसे कोई शेर आ गया हो। हम लोग उन्हें खूब छेड़ा करते थे,


266 of 1753



'मिस्टर मेहता भी तो क्वाँरे हैं...'

'यह रोग सभी फिलासफरों को होता है।'

अब मेहता को अवसर मिला। बोले - आप भी तो इसी मरज में गिरफ्तार हैं?

'मैंने प्रतिज्ञा की है, कि किसी फिलासफर से शादी करूँगी और यह वर्ग शादी के नाम से घबराता है। हसबेंड साहब तो स्त्री को देख कर घर में छिप जाते थे। उनके शिष्यों में कई लड़कियाँ थीं। अगर उनमें से कोई कभी कुछ पूछने के लिए उनके ऑफिस में चली जाती थी, तो आप ऐसे घबड़ा जाते, जैसे कोई शेर आ गया हो। हम लोग उन्हें खूब छेड़ा करते थे,


266 of 1753