'मैंने सुना, चरित्र का अच्छा नहीं है।'
'बेफिक्री में चरित्र अच्छा रह ही कैसे सकता है। समाज में रहो और समाज के कर्तव्यों और मर्यादाओं का पालन करो, तब पता चले।'
'मालती न जाने क्या देख कर उन पर लट्टू हुई जाती है।'
'मैं समझता हूँ, वह केवल तुम्हें जला रही है।'
मुझे वह क्या जलाएँगी, बेचारी। मैं उन्हें खिलौने से ज्यादा नहीं समझता।'
'यह तो न कहो मिस्टर खन्ना, मिस मालती पर जान तो देते हो तुम।'
'यों तो मैं आपको भी यही इलजाम दे सकता हूँ।'
'मैंने सुना, चरित्र का अच्छा नहीं है।'
'बेफिक्री में चरित्र अच्छा रह ही कैसे सकता है। समाज में रहो और समाज के कर्तव्यों और मर्यादाओं का पालन करो, तब पता चले।'
'मालती न जाने क्या देख कर उन पर लट्टू हुई जाती है।'
'मैं समझता हूँ, वह केवल तुम्हें जला रही है।'
मुझे वह क्या जलाएँगी, बेचारी। मैं उन्हें खिलौने से ज्यादा नहीं समझता।'
'यह तो न कहो मिस्टर खन्ना, मिस मालती पर जान तो देते हो तुम।'
'यों तो मैं आपको भी यही इलजाम दे सकता हूँ।'