खातिर बैठ जाते हैं…नहीं मुझे अर्ज कर लेने दीजिए। इस मुआमले में आपको कुछ नहीं करना है। आप बेफिक्र बैठे रहिए। मैं आपकी तरफ से एक मेनिफेस्टो निकाल दूँगा और उसी शाम को आप मुझसे दस हजार नकद वसूल कर लीजिए।
मिर्जा साहब ने उनकी ओर हिकारत से देख कर कहा - मैं ऐसे रुपए पर और आप पर लानत भेजता हूँ।
मिस्टर तंखा ने जरा भी बुरा नहीं माना। माथे पर बल तक न आने दिया।
'मुझ पर जितनी लानत चाहें भेजें, मगर रुपए पर लानत भेज कर आप अपना ही नुकसान कर रहे हैं।'
खातिर बैठ जाते हैं…नहीं मुझे अर्ज कर लेने दीजिए। इस मुआमले में आपको कुछ नहीं करना है। आप बेफिक्र बैठे रहिए। मैं आपकी तरफ से एक मेनिफेस्टो निकाल दूँगा और उसी शाम को आप मुझसे दस हजार नकद वसूल कर लीजिए।
मिर्जा साहब ने उनकी ओर हिकारत से देख कर कहा - मैं ऐसे रुपए पर और आप पर लानत भेजता हूँ।
मिस्टर तंखा ने जरा भी बुरा नहीं माना। माथे पर बल तक न आने दिया।
'मुझ पर जितनी लानत चाहें भेजें, मगर रुपए पर लानत भेज कर आप अपना ही नुकसान कर रहे हैं।'