'मैं ऐसी रकम को हराम समझता हूँ।'
'आप शरीयत के इतने पाबंद तो नहीं हैं।'
'लूट की कमाई को हराम समझने के लिए शरा का पाबंद होने की जरूरत नहीं है।'
'तो इस मुआमले में क्या आप फैसला तब्दील नहीं कर सकते?'
'जी नहीं।'
'अच्छी बात है, इसे जाने दीजिए। किसी बीमा कंपनी के डाइरेक्टर बनने में तो आपको कोई एतराज नहीं है? आपको कंपनी का एक हिस्सा भी न खरीदना पड़ेगा। आप सिर्फ अपना नाम दे दीजिएगा।'
'जी नहीं, मुझे यह भी मंजूर नहीं है। मैं कई कंपनियों का डाइरेक्टर,
'मैं ऐसी रकम को हराम समझता हूँ।'
'आप शरीयत के इतने पाबंद तो नहीं हैं।'
'लूट की कमाई को हराम समझने के लिए शरा का पाबंद होने की जरूरत नहीं है।'
'तो इस मुआमले में क्या आप फैसला तब्दील नहीं कर सकते?'
'जी नहीं।'
'अच्छी बात है, इसे जाने दीजिए। किसी बीमा कंपनी के डाइरेक्टर बनने में तो आपको कोई एतराज नहीं है? आपको कंपनी का एक हिस्सा भी न खरीदना पड़ेगा। आप सिर्फ अपना नाम दे दीजिएगा।'
'जी नहीं, मुझे यह भी मंजूर नहीं है। मैं कई कंपनियों का डाइरेक्टर,