लोहे की धरन की तरह छत को सँभाले हुए था। एक से पच्चीस हजार तक की गोटी थी। मगर अंत में वह शहतीर भी जवाब दे गई। लोभी की कमर भी टूट गई। आँखों के सामने अँधेरा छा गया। सिर में चक्कर आया और वह शिकार गर्दन पर लिए पथरीली जमीन पर गिर पड़े।
मिर्जा ने तुरंत उन्हें उठाया और अपने रूमाल से हवा करते हुए उनकी पीठ ठोंकी।
'जोर तो यार तुमने खूब मारा, लेकिन तकदीर के खोटे हो।'
तंखा ने हाँफते हुए लंबी साँस खींच कर कहा - आपने तो आज मेरी जान ही ले ली थी। दो मन से कम न होगा ससुर।
लोहे की धरन की तरह छत को सँभाले हुए था। एक से पच्चीस हजार तक की गोटी थी। मगर अंत में वह शहतीर भी जवाब दे गई। लोभी की कमर भी टूट गई। आँखों के सामने अँधेरा छा गया। सिर में चक्कर आया और वह शिकार गर्दन पर लिए पथरीली जमीन पर गिर पड़े।
मिर्जा ने तुरंत उन्हें उठाया और अपने रूमाल से हवा करते हुए उनकी पीठ ठोंकी।
'जोर तो यार तुमने खूब मारा, लेकिन तकदीर के खोटे हो।'
तंखा ने हाँफते हुए लंबी साँस खींच कर कहा - आपने तो आज मेरी जान ही ले ली थी। दो मन से कम न होगा ससुर।