गोदान - Godan

लुटिया-डोर और डंडा सब ले कर गए हैं। पुनिया ने पूछा भी, कहाँ जाते हो, पर बताया नहीं। उसने पाँच रुपए आले में रखे थे। रुपए वहाँ नहीं हैं। साइत रुपए भी लेता गया।

धनिया शीतल हृदय से बोली - मुँह में कालिख लगा कर कहीं भागा होगा।

सोभा बोला - भाग के कहाँ जायगा? गंगा नहाने न चला गया हो।

धनिया ने शंका की - गंगा जाता तो रुपए क्यों ले जाता, और आजकल कोई परब भी तो नहीं है?

इस शंका का कोई समाधान न मिला। धारणा दृढ़ हो गई।

आज


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लुटिया-डोर और डंडा सब ले कर गए हैं। पुनिया ने पूछा भी, कहाँ जाते हो, पर बताया नहीं। उसने पाँच रुपए आले में रखे थे। रुपए वहाँ नहीं हैं। साइत रुपए भी लेता गया।

धनिया शीतल हृदय से बोली - मुँह में कालिख लगा कर कहीं भागा होगा।

सोभा बोला - भाग के कहाँ जायगा? गंगा नहाने न चला गया हो।

धनिया ने शंका की - गंगा जाता तो रुपए क्यों ले जाता, और आजकल कोई परब भी तो नहीं है?

इस शंका का कोई समाधान न मिला। धारणा दृढ़ हो गई।

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