घर में कैसे रह सकती है? जब गली-गली ठोकर खाएगी, तब पता चलेगा।
गाँव के विशिष्ट जनों ने इस महान संकट को टालने के लिए कानाफूसी शुरू की।
दातादीन ने गंजा सिर हिला कर कहा - यह सब कमाने के ढंग हैं। पूछो, हीरा के घर में क्या रखा है?
पटेश्वरीलाल बहुत लंबे थे; पर लंबे हो कर भी बेवकूफ न थे। अपना लंबा, काला मुँह और लंबा करके बोले - और यहाँ आया है किसलिए, और जब आया है, बिना कुछ लिए दिए गया कब है।
झिंगुरीसिंह ने होरी को बुला कर कान में कहा - निकालो,
घर में कैसे रह सकती है? जब गली-गली ठोकर खाएगी, तब पता चलेगा।
गाँव के विशिष्ट जनों ने इस महान संकट को टालने के लिए कानाफूसी शुरू की।
दातादीन ने गंजा सिर हिला कर कहा - यह सब कमाने के ढंग हैं। पूछो, हीरा के घर में क्या रखा है?
पटेश्वरीलाल बहुत लंबे थे; पर लंबे हो कर भी बेवकूफ न थे। अपना लंबा, काला मुँह और लंबा करके बोले - और यहाँ आया है किसलिए, और जब आया है, बिना कुछ लिए दिए गया कब है।
झिंगुरीसिंह ने होरी को बुला कर कान में कहा - निकालो,