गोदान - Godan

जो कुछ देना हो। यों गला न छूटेगा।

दारोगा जी ने अब जरा गरज कर कहा - मैं हीरा के घर की तलाशी लूँगा।

होरी के मुख का रंग उड़ गया था, जैसे देह का सारा रक्त सूख गया हो। तलाशी उसके घर हुई तो, उसके भाई के घर हुई तो, एक ही बात है। हीरा अलग सही, पर दुनिया तो जानती है, वह उसका भाई है, मगर इस वक्त उसका कुछ बस नहीं। उसके पास रुपए होते, तो इसी वक्त पचास रुपए ला कर दारोगा जी के चरणों पर रख देता और कहता - सरकार, मेरी इज्जत अब आपके


498 of 1753

जो कुछ देना हो। यों गला न छूटेगा।

दारोगा जी ने अब जरा गरज कर कहा - मैं हीरा के घर की तलाशी लूँगा।

होरी के मुख का रंग उड़ गया था, जैसे देह का सारा रक्त सूख गया हो। तलाशी उसके घर हुई तो, उसके भाई के घर हुई तो, एक ही बात है। हीरा अलग सही, पर दुनिया तो जानती है, वह उसका भाई है, मगर इस वक्त उसका कुछ बस नहीं। उसके पास रुपए होते, तो इसी वक्त पचास रुपए ला कर दारोगा जी के चरणों पर रख देता और कहता - सरकार, मेरी इज्जत अब आपके


498 of 1753