फिर क्या हुआ, किसी को मालूम नहीं। हाँ, दारोगा जी प्रसन्न दिखाई दे रहे थे और चारों सज्जनों के मुँह पर फटकार बरस रही थी।
दारोगा जी घोड़े पर सवार हो कर चले, तो चारों नेता दौड़ रहे थे। घोड़ा दूर निकल गया तो चारों सज्जन लौटे, इस तरह मानो किसी प्रियजन का संस्कार करके श्मशान से लौट रहे हों।
सहसा दातादीन बोले - मेरा सराप न पड़े तो मुँह न दिखाऊँ।
नोखेराम ने समर्थन किया - ऐसा धन कभी फलते नहीं देखा।
पटेश्वरी ने भविष्यवाणी - हराम की कमाई हराम में जायगी।
फिर क्या हुआ, किसी को मालूम नहीं। हाँ, दारोगा जी प्रसन्न दिखाई दे रहे थे और चारों सज्जनों के मुँह पर फटकार बरस रही थी।
दारोगा जी घोड़े पर सवार हो कर चले, तो चारों नेता दौड़ रहे थे। घोड़ा दूर निकल गया तो चारों सज्जन लौटे, इस तरह मानो किसी प्रियजन का संस्कार करके श्मशान से लौट रहे हों।
सहसा दातादीन बोले - मेरा सराप न पड़े तो मुँह न दिखाऊँ।
नोखेराम ने समर्थन किया - ऐसा धन कभी फलते नहीं देखा।
पटेश्वरी ने भविष्यवाणी - हराम की कमाई हराम में जायगी।