गोदान - Godan



पटेश्वरीलाल ने तेज स्वर से कहा - आपको अख्तियार है, तलाशी ले लें। यह अच्छी दिल्लगी है, काम कौन करे, पकड़ा कौन जाए।

'मैंने पच्चीस साल थानेदारी की है, जानते हो?'

'लेकिन ऐसा अंधेर तो कभी नहीं हुआ।'

'तुमने अभी अंधेर नहीं देखा। कहो तो वह भी दिखा दूँ? एक-एक को पाँच-पाँच साल के लिए भेजवा दूँ। यह मेरे बाएँ हाथ का खेल है। एक डाके में सारे गाँव को काले पानी भेजवा सकता हूँ। इस धोखे में न रहना!'

चारों सज्जन चौपाल के अंदर जा कर विचार करने लगे।


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पटेश्वरीलाल ने तेज स्वर से कहा - आपको अख्तियार है, तलाशी ले लें। यह अच्छी दिल्लगी है, काम कौन करे, पकड़ा कौन जाए।

'मैंने पच्चीस साल थानेदारी की है, जानते हो?'

'लेकिन ऐसा अंधेर तो कभी नहीं हुआ।'

'तुमने अभी अंधेर नहीं देखा। कहो तो वह भी दिखा दूँ? एक-एक को पाँच-पाँच साल के लिए भेजवा दूँ। यह मेरे बाएँ हाथ का खेल है। एक डाके में सारे गाँव को काले पानी भेजवा सकता हूँ। इस धोखे में न रहना!'

चारों सज्जन चौपाल के अंदर जा कर विचार करने लगे।


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