गोदान - Godan



होरी के मन में प्रकाश की एक लंबी रेखा ने प्रवेश किया।

'साफ-साफ क्यों नहीं कहती। किस राँड़ को कह रही है?'

'उसी झुनिया को, और किसको!'

'तो झुनिया क्या यहाँ आई है?'

'और कहाँ जाती, पूछता कौन?'

'गोबर क्या घर में नहीं है?'

'गोबर का कहीं पता नहीं। जाने कहाँ भाग गया। इसे पाँच महीने का पेट है।'

होरी सब कुछ समझ गया। गोबर को बार-बार अहिराने जाते देख कर वह खटका था जरूर, मगर उसे ऐसा खिलाड़ी न समझता था। युवकों में कुछ रसिकता होती ही है,


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होरी के मन में प्रकाश की एक लंबी रेखा ने प्रवेश किया।

'साफ-साफ क्यों नहीं कहती। किस राँड़ को कह रही है?'

'उसी झुनिया को, और किसको!'

'तो झुनिया क्या यहाँ आई है?'

'और कहाँ जाती, पूछता कौन?'

'गोबर क्या घर में नहीं है?'

'गोबर का कहीं पता नहीं। जाने कहाँ भाग गया। इसे पाँच महीने का पेट है।'

होरी सब कुछ समझ गया। गोबर को बार-बार अहिराने जाते देख कर वह खटका था जरूर, मगर उसे ऐसा खिलाड़ी न समझता था। युवकों में कुछ रसिकता होती ही है,


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