गोदान - Godan


'न जाऊँगी।'

पुरुष ने उसके केश पकड़ कर घसीटना शुरू किया। युवती भूमि पर लोट गई।

पुरुष ने हार कर कहा - मैं फिर कहता हूँ, उठ कर चल।

स्त्री ने उसी दृढ़ता से कहा - मैं तेरे घर सात जलम न जाऊँगी, बोटी-बोटी काट डाल।

'मैं तेरा गला काट लूँगा!'

'तो फाँसी पाओगे।'

पुरुष ने उसके केश छोड़ दिए और सिर पर हाथ रख कर बैठ गया। पुरुषत्व अपने चरम सीमा तक पहुँच गया। उसके आगे अब उसका कोई बस नहीं है।

एक क्षण में वह फिर खड़ा हुआ और परास्त हो कर बोला - आखिर तू क्या चाहती है?


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'न जाऊँगी।'

पुरुष ने उसके केश पकड़ कर घसीटना शुरू किया। युवती भूमि पर लोट गई।

पुरुष ने हार कर कहा - मैं फिर कहता हूँ, उठ कर चल।

स्त्री ने उसी दृढ़ता से कहा - मैं तेरे घर सात जलम न जाऊँगी, बोटी-बोटी काट डाल।

'मैं तेरा गला काट लूँगा!'

'तो फाँसी पाओगे।'

पुरुष ने उसके केश छोड़ दिए और सिर पर हाथ रख कर बैठ गया। पुरुषत्व अपने चरम सीमा तक पहुँच गया। उसके आगे अब उसका कोई बस नहीं है।

एक क्षण में वह फिर खड़ा हुआ और परास्त हो कर बोला - आखिर तू क्या चाहती है?


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