दस रुपए से ले कर दो आने तक के थे। तीन बजते-बजते सारा अहाता भर गया। मोटरों और फिटनों का ताँता लगा हुआ था। दो हजार से कम की भीड़ न थी। रईसों के लिए कुर्सियों और बेंचों का इंतजाम था। साधारण जनता के लिए साफ-सुथरी जमीन।
मिस मालती, मेहता, खन्ना, तंखा और रायसाहब सभी विराजमान थे।
खेल शुरू हुआ तो मिर्जा ने मेहता से कहा - आइए डाक्टर साहब, एक गोईं हमारी और आपकी हो जाए।
मिस मालती बोलीं - फिलासफर का जोड़ फिलासफर ही से हो सकता है।
दस रुपए से ले कर दो आने तक के थे। तीन बजते-बजते सारा अहाता भर गया। मोटरों और फिटनों का ताँता लगा हुआ था। दो हजार से कम की भीड़ न थी। रईसों के लिए कुर्सियों और बेंचों का इंतजाम था। साधारण जनता के लिए साफ-सुथरी जमीन।
मिस मालती, मेहता, खन्ना, तंखा और रायसाहब सभी विराजमान थे।
खेल शुरू हुआ तो मिर्जा ने मेहता से कहा - आइए डाक्टर साहब, एक गोईं हमारी और आपकी हो जाए।
मिस मालती बोलीं - फिलासफर का जोड़ फिलासफर ही से हो सकता है।