मिर्जा ने मूँछों पर ताव दे कर कहा - तो क्या आप समझती हैं, मैं फिलासफर नहीं हूँ? मेरे पास पुछल्ला नहीं है, लेकिन हूँ मैं फिलासफर, आप मेरा इम्तहान ले सकते हैं मेहता जी!
मालती ने पूछा - अच्छा बतलाइए, आप आइडियलिस्ट हैं या मेटीरियलिस्ट?
'मैं दोनों हूँ।'
'यह क्यों कर?'
'बहुत अच्छी तरह। जब जैसा मौका देखा, वैसा बन गया।'
'तो आपका अपना कोई निश्चय नहीं है।'
'जिस बात का आज तक कभी निश्चय न हुआ, और न कभी होगा, उसका निश्चय मैं भला क्या कर सकता हूँ,
मिर्जा ने मूँछों पर ताव दे कर कहा - तो क्या आप समझती हैं, मैं फिलासफर नहीं हूँ? मेरे पास पुछल्ला नहीं है, लेकिन हूँ मैं फिलासफर, आप मेरा इम्तहान ले सकते हैं मेहता जी!
मालती ने पूछा - अच्छा बतलाइए, आप आइडियलिस्ट हैं या मेटीरियलिस्ट?
'मैं दोनों हूँ।'
'यह क्यों कर?'
'बहुत अच्छी तरह। जब जैसा मौका देखा, वैसा बन गया।'
'तो आपका अपना कोई निश्चय नहीं है।'
'जिस बात का आज तक कभी निश्चय न हुआ, और न कभी होगा, उसका निश्चय मैं भला क्या कर सकता हूँ,