गोदान - Godan

बहन हमको रोज चिढ़ाती है कि तू रूपा है, मैं सोना हूँ। मेरा नाम कुछ और रख दो।

होरी ने सोना को बनावटी रोष से देख कर कहा - तू इसे क्यों चिढ़ाती है सोनिया, सोना तो देखने को है। निबाह तो रूपा से होता है। रूपा न हो, तो रुपए कहाँ से बनें, बता?

सोना ने अपने पक्ष का समर्थन किया - सोना न हो तो मोहर कैसे बने, नथुनिया कहाँ से आएँ, कंठा कैसे बने?

गोबर भी इस विनोदमय विवाद में शरीक हो गया। रूपा से बोला - तू कह दे कि सोना तो सूखी पत्ती की तरह पीला होता है,


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बहन हमको रोज चिढ़ाती है कि तू रूपा है, मैं सोना हूँ। मेरा नाम कुछ और रख दो।

होरी ने सोना को बनावटी रोष से देख कर कहा - तू इसे क्यों चिढ़ाती है सोनिया, सोना तो देखने को है। निबाह तो रूपा से होता है। रूपा न हो, तो रुपए कहाँ से बनें, बता?

सोना ने अपने पक्ष का समर्थन किया - सोना न हो तो मोहर कैसे बने, नथुनिया कहाँ से आएँ, कंठा कैसे बने?

गोबर भी इस विनोदमय विवाद में शरीक हो गया। रूपा से बोला - तू कह दे कि सोना तो सूखी पत्ती की तरह पीला होता है,


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