करनी थी। वह भी चली गई। केवल मेहता और मिर्जा रह गए। उन्हें अभी स्नान करना था। मिट्टी में सने हुए थे। कपड़े कैसे पहनते? गोबर पानी खींच लाया और दोनों दोस्त नहाने लगे।
मिर्जा ने पूछा - शादी कब तक होगी?
मेहता ने अचंभे में आ कर पूछा - किसकी?
'आपकी।'
'मेरी शादी। किसके साथ हो रही है?'
'वाह! आप तो ऐसा उड़ रहे हैं, गोया यह भी छिपाने की बात है।'
'नहीं-नहीं, मैं सच कहता हूँ, मुझे बिलकुल खबर नहीं है। क्या मेरी शादी होने जा रही है?'
करनी थी। वह भी चली गई। केवल मेहता और मिर्जा रह गए। उन्हें अभी स्नान करना था। मिट्टी में सने हुए थे। कपड़े कैसे पहनते? गोबर पानी खींच लाया और दोनों दोस्त नहाने लगे।
मिर्जा ने पूछा - शादी कब तक होगी?
मेहता ने अचंभे में आ कर पूछा - किसकी?
'आपकी।'
'मेरी शादी। किसके साथ हो रही है?'
'वाह! आप तो ऐसा उड़ रहे हैं, गोया यह भी छिपाने की बात है।'
'नहीं-नहीं, मैं सच कहता हूँ, मुझे बिलकुल खबर नहीं है। क्या मेरी शादी होने जा रही है?'