कहीं होरी बैलों को दे न दें। जा कर रूपा से बोली - अम्माँ को जल्दी से बुला ला। कहना, बड़ा काम है, बिलम न करो।
धनिया खेत में गोबर फेंकने गई थी, बहू का संदेश सुना, तो आ कर बोली - काहे बुलाया है बहू, मैं तो घबड़ा गई।
'काका को तुमने देखा है न?'
'हाँ देखा, कसाई की तरह द्वार पर बैठा हुआ है। मैं तो बोली भी नहीं।'
'हमारे दोनों बैल माँग रहे हैं, दादा से।'
धनिया के पेट की आँतें भीतर सिमट गईं।
'दोनों बैल माँग रहे हैं?'
कहीं होरी बैलों को दे न दें। जा कर रूपा से बोली - अम्माँ को जल्दी से बुला ला। कहना, बड़ा काम है, बिलम न करो।
धनिया खेत में गोबर फेंकने गई थी, बहू का संदेश सुना, तो आ कर बोली - काहे बुलाया है बहू, मैं तो घबड़ा गई।
'काका को तुमने देखा है न?'
'हाँ देखा, कसाई की तरह द्वार पर बैठा हुआ है। मैं तो बोली भी नहीं।'
'हमारे दोनों बैल माँग रहे हैं, दादा से।'
धनिया के पेट की आँतें भीतर सिमट गईं।
'दोनों बैल माँग रहे हैं?'