'हाँ, कहते हैं या तो हमारे रुपए दो, या हम दोनों बैल खोल ले जाएँगे।'
'तेरे दादा ने क्या कहा?'
'उन्होंने कहा - तुम्हारा धरम कहता हो, तो खोल ले जाओ।'
'तो खोल ले जाय, लेकिन इसी द्वार पर आ कर भीख न माँगे, तो मेरे नाम पर थूक देना। हमारे लहू से उसकी छाती जुड़ाती हो, तो जुड़ा ले।'
वह इसी तैश में बाहर आ कर होरी से बोली - महतो दोनों बैल माँग रहे हैं, तो दे क्यों नहीं देते? उनका पेट भरे, हमारे भगवान मालिक हैं। हमारे हाथ तो नहीं काट लेंगे? अब तक अपने मजूरी करते थे,
'हाँ, कहते हैं या तो हमारे रुपए दो, या हम दोनों बैल खोल ले जाएँगे।'
'तेरे दादा ने क्या कहा?'
'उन्होंने कहा - तुम्हारा धरम कहता हो, तो खोल ले जाओ।'
'तो खोल ले जाय, लेकिन इसी द्वार पर आ कर भीख न माँगे, तो मेरे नाम पर थूक देना। हमारे लहू से उसकी छाती जुड़ाती हो, तो जुड़ा ले।'
वह इसी तैश में बाहर आ कर होरी से बोली - महतो दोनों बैल माँग रहे हैं, तो दे क्यों नहीं देते? उनका पेट भरे, हमारे भगवान मालिक हैं। हमारे हाथ तो नहीं काट लेंगे? अब तक अपने मजूरी करते थे,