बस! दो-चार मन भूसा तो खाली अपना रंग जमाने को देता हूँ।
गोबर ने तिरस्कार किया - तो तुम अब सबकी सगाई ठीक करते फिरोगे?
धनिया ने तीखी आँखों से देखा - अब यही एक उद्यम तो रह गया है। नहीं देना है हमें भूसा किसी को। यहाँ भोला-भोली किसी का करज नहीं खाया है।
होरी ने अपने सफाई दी - अगर मेरे जतन से किसी का घर बस जाय तो इसमें कौन-सी बुराई है?
गोबर ने चिलम उठाई और आग लेने चला गया। उसे यह झमेला बिलकुल नहीं भाता था।
धनिया ने सिर हिला कर कहा - जो उनका घर बसाएगा,
बस! दो-चार मन भूसा तो खाली अपना रंग जमाने को देता हूँ।
गोबर ने तिरस्कार किया - तो तुम अब सबकी सगाई ठीक करते फिरोगे?
धनिया ने तीखी आँखों से देखा - अब यही एक उद्यम तो रह गया है। नहीं देना है हमें भूसा किसी को। यहाँ भोला-भोली किसी का करज नहीं खाया है।
होरी ने अपने सफाई दी - अगर मेरे जतन से किसी का घर बस जाय तो इसमें कौन-सी बुराई है?
गोबर ने चिलम उठाई और आग लेने चला गया। उसे यह झमेला बिलकुल नहीं भाता था।
धनिया ने सिर हिला कर कहा - जो उनका घर बसाएगा,