वह अस्सी रुपए की गाय ले कर चुप न होगा। एक थैली गिनवाएगा।
होरी ने पुचारा दिया - यह मैं जानता हूँ; लेकिन उनकी भलमनसी को भी तो देखो। मुझसे जब मिलता है, तेरा बखान ही करता है - ऐसी लक्ष्मी है, ऐसी सलीकेदार है।
धनिया के मुख पर स्निग्धता झलक पड़ी। मन भाए मुड़िया हिलाए वाले भाव से बोली - मैं उनके बखान की भूखी नहीं हूँ, अपना बखान धरे रहें।
होरी ने स्नेह-भरी मुस्कान के साथ कहा - मैंने तो कह दिया, भैया, वह नाक पर मक्खी भी नहीं बैठने देती,
वह अस्सी रुपए की गाय ले कर चुप न होगा। एक थैली गिनवाएगा।
होरी ने पुचारा दिया - यह मैं जानता हूँ; लेकिन उनकी भलमनसी को भी तो देखो। मुझसे जब मिलता है, तेरा बखान ही करता है - ऐसी लक्ष्मी है, ऐसी सलीकेदार है।
धनिया के मुख पर स्निग्धता झलक पड़ी। मन भाए मुड़िया हिलाए वाले भाव से बोली - मैं उनके बखान की भूखी नहीं हूँ, अपना बखान धरे रहें।
होरी ने स्नेह-भरी मुस्कान के साथ कहा - मैंने तो कह दिया, भैया, वह नाक पर मक्खी भी नहीं बैठने देती,