गोदान - Godan



मँगरू ने सोभा को बहुत बुरा-भला कहा - जमामार, बेईमान इत्यादि। लेने की बेर तो दुम हिलाते हो, जब देने की बारी आती है, तो गुर्राते हो। घर बिकवा लूँगा, बैल-बधिए नीलाम करा लूँगा।

सोभा ने फिर छेड़ा - अच्छा, ईमान से बताओ साह, कितने रुपए दिए थे, जिसके अब तीन सौ रुपए हो गए हैं?

'जब तुम साल के साल सूद न दोगे, तो आप ही बढ़ेंगे।'

'पहले-पहल कितने रुपए दिए थे तुमने? पचास ही तो।'

'कितने दिन हुए, यह भी तो देख।'

'पाँच-छ: साल हुए होंगे?'


859 of 1753



मँगरू ने सोभा को बहुत बुरा-भला कहा - जमामार, बेईमान इत्यादि। लेने की बेर तो दुम हिलाते हो, जब देने की बारी आती है, तो गुर्राते हो। घर बिकवा लूँगा, बैल-बधिए नीलाम करा लूँगा।

सोभा ने फिर छेड़ा - अच्छा, ईमान से बताओ साह, कितने रुपए दिए थे, जिसके अब तीन सौ रुपए हो गए हैं?

'जब तुम साल के साल सूद न दोगे, तो आप ही बढ़ेंगे।'

'पहले-पहल कितने रुपए दिए थे तुमने? पचास ही तो।'

'कितने दिन हुए, यह भी तो देख।'

'पाँच-छ: साल हुए होंगे?'


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