'दस साल हो गए पूरे, ग्यारहवाँ जा रहा है।'
'पचास रुपए के तीन सौ रुपए लेते तुम्हें जरा भी सरम नहीं आती।'
'सरम कैसी, रुपए दिए हैं कि खैरात माँगते हैं।'
होरी ने इन्हें भी चिरौरी-विनती करके विदा किया। दातादीन ने होरी के साझे में खेती की थी। बीज दे कर आधी फसल ले लेंगे। इस वक्त कुछ छेड़-छाड़ करना नीति-विरुद्ध था। झिंगुरीसिंह ने मिल के मैनेजर से पहले ही सब कुछ कह-सुन रखा था। उनके प्यादे गाड़ियों पर ऊख लदवा कर नाव पर पहुँचा
'दस साल हो गए पूरे, ग्यारहवाँ जा रहा है।'
'पचास रुपए के तीन सौ रुपए लेते तुम्हें जरा भी सरम नहीं आती।'
'सरम कैसी, रुपए दिए हैं कि खैरात माँगते हैं।'
होरी ने इन्हें भी चिरौरी-विनती करके विदा किया। दातादीन ने होरी के साझे में खेती की थी। बीज दे कर आधी फसल ले लेंगे। इस वक्त कुछ छेड़-छाड़ करना नीति-विरुद्ध था। झिंगुरीसिंह ने मिल के मैनेजर से पहले ही सब कुछ कह-सुन रखा था। उनके प्यादे गाड़ियों पर ऊख लदवा कर नाव पर पहुँचा