गोदान - Godan



होरी जब भोला का खाँचा उठा कर भूसा लाने अंदर चला, तो धनिया भी पीछे-पीछे चली। होरी ने कहा - जाने कहाँ से इतना बड़ा खाँचा मिल गया। किसी भड़भूँजे से माँग लिया होगा। मन-भर से कम में न भरेगा। दो खाँचे भी दिए, तो दो मन निकल जाएँगे।

धनिया फूली हुई थी। मलामत की आँखों से देखती हुई बोली - या तो किसी को नेवता न दो, और दो तो भरपेट खिलाओ। तुम्हारे पास फूल-पत्र लेने थोड़े ही आए हैं कि चँगेरी ले कर चलते। देते ही हो, तो तीन खाँचे


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होरी जब भोला का खाँचा उठा कर भूसा लाने अंदर चला, तो धनिया भी पीछे-पीछे चली। होरी ने कहा - जाने कहाँ से इतना बड़ा खाँचा मिल गया। किसी भड़भूँजे से माँग लिया होगा। मन-भर से कम में न भरेगा। दो खाँचे भी दिए, तो दो मन निकल जाएँगे।

धनिया फूली हुई थी। मलामत की आँखों से देखती हुई बोली - या तो किसी को नेवता न दो, और दो तो भरपेट खिलाओ। तुम्हारे पास फूल-पत्र लेने थोड़े ही आए हैं कि चँगेरी ले कर चलते। देते ही हो, तो तीन खाँचे


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