दे दो। भला आदमी लड़कों को क्यों नहीं लाया? अकेले कहाँ तक ढोएगा? जान निकल जायगी।
'तीन खाँचे तो मेरे दिए न दिए जाएँगे।'
'तब क्या एक खाँचा दे कर टालोगे? गोबर से कह दो, अपना खाँचा भर कर उनके साथ चला जाए।'
'गोबर ऊख गोड़ने जा रहा है।'
'एक दिन न गोड़ने से ऊख सूख न जायगी।'
'यह तो उनका काम था कि किसी को अपने साथ ले लेते। भगवान के दिए दो-दो बेटे हैं।'
'न होंगे घर पर। दूध ले कर बाजार गए होंगे।'
'यह तो अच्छी दिल्लगी
दे दो। भला आदमी लड़कों को क्यों नहीं लाया? अकेले कहाँ तक ढोएगा? जान निकल जायगी।
'तीन खाँचे तो मेरे दिए न दिए जाएँगे।'
'तब क्या एक खाँचा दे कर टालोगे? गोबर से कह दो, अपना खाँचा भर कर उनके साथ चला जाए।'
'गोबर ऊख गोड़ने जा रहा है।'
'एक दिन न गोड़ने से ऊख सूख न जायगी।'
'यह तो उनका काम था कि किसी को अपने साथ ले लेते। भगवान के दिए दो-दो बेटे हैं।'
'न होंगे घर पर। दूध ले कर बाजार गए होंगे।'
'यह तो अच्छी दिल्लगी