गोदान - Godan

इसके रुपए दे दो। समझ लो, ऊख में आग लग गई थी। मैंने भी यही सोच कर, मन को समझाया है।

सोभा ने आहत कंठ से कहा - हाँ, दे दूँगा दादा! न दूँगा तो जाऊँगा कहाँ?

सामने से गिरधर ताड़ी पिए झूमता चला आ रहा था। दोनों को देख कर बोला - झिंगुरिया ने सारे का सारा ले लिया होरी काका! चबेना को भी एक पैसा न छोड़ा! हत्यारा कहीं का! रोया, गिड़गिड़ाया, पर इस पापी को दया न आई।

शोभा ने कहा - ताड़ी तो पिए हुए हो, उस पर कहते हो, एक पैसा भी न छोड़ा।


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इसके रुपए दे दो। समझ लो, ऊख में आग लग गई थी। मैंने भी यही सोच कर, मन को समझाया है।

सोभा ने आहत कंठ से कहा - हाँ, दे दूँगा दादा! न दूँगा तो जाऊँगा कहाँ?

सामने से गिरधर ताड़ी पिए झूमता चला आ रहा था। दोनों को देख कर बोला - झिंगुरिया ने सारे का सारा ले लिया होरी काका! चबेना को भी एक पैसा न छोड़ा! हत्यारा कहीं का! रोया, गिड़गिड़ाया, पर इस पापी को दया न आई।

शोभा ने कहा - ताड़ी तो पिए हुए हो, उस पर कहते हो, एक पैसा भी न छोड़ा।


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