गोदान - Godan



झुनिया ने भीतर जा कर सोना से कहा - मुझे तो दादा पर बड़ी दया आती है। बेचारे दिन-भर के थके-माँदे घर आए, तो अम्माँ कोसने लगीं। महाजन गला दबाए था, तो क्या करते बेचारे!

'तो बैल कहाँ से आयँगे?'

'महाजन अपने रुपए चाहता है। उसे तुम्हारे घर के दुखड़ों से क्या मतलब?'

अम्माँ वहाँ होतीं, तो महाजन को मजा चखा देतीं। अभागा रो कर रह जाता।'

झुनिया ने दिल्लगी की तो यहाँ रुपए की कौन कमी है - तुम महाजन से जरा हँस कर बोल दो, देखो सारे रुपए छोड़ देता है कि नहीं। सच कहती हूँ,


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झुनिया ने भीतर जा कर सोना से कहा - मुझे तो दादा पर बड़ी दया आती है। बेचारे दिन-भर के थके-माँदे घर आए, तो अम्माँ कोसने लगीं। महाजन गला दबाए था, तो क्या करते बेचारे!

'तो बैल कहाँ से आयँगे?'

'महाजन अपने रुपए चाहता है। उसे तुम्हारे घर के दुखड़ों से क्या मतलब?'

अम्माँ वहाँ होतीं, तो महाजन को मजा चखा देतीं। अभागा रो कर रह जाता।'

झुनिया ने दिल्लगी की तो यहाँ रुपए की कौन कमी है - तुम महाजन से जरा हँस कर बोल दो, देखो सारे रुपए छोड़ देता है कि नहीं। सच कहती हूँ,


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