है कि अपना माल भी दो और उसे घर तक पहुँचा भी दो। लाद दे, लदा दे, लादने वाला साथ कर दे।'
'अच्छा भाई, कोई मत जाए। मैं पहुँचा दूँगी। बड़ों की सेवा करने में लाज नहीं है।'
'और तीन खाँचे उन्हें दे दूँ, तो अपने बैल क्या खाएँगे?'
'यह सब तो नेवता देने के पहले ही सोच लेना था। न हो, तुम और गोबर दोनों जने चले जाओ।'
'मुरौवत मुरौवत की तरह की जाती है, अपना घर उठा कर नहीं दे दिया जाता!'
'अभी जमींदार का प्यादा आ जाय, तो अपने सिर पर भूसा लाद कर पहुँचाओगे तुम,
है कि अपना माल भी दो और उसे घर तक पहुँचा भी दो। लाद दे, लदा दे, लादने वाला साथ कर दे।'
'अच्छा भाई, कोई मत जाए। मैं पहुँचा दूँगी। बड़ों की सेवा करने में लाज नहीं है।'
'और तीन खाँचे उन्हें दे दूँ, तो अपने बैल क्या खाएँगे?'
'यह सब तो नेवता देने के पहले ही सोच लेना था। न हो, तुम और गोबर दोनों जने चले जाओ।'
'मुरौवत मुरौवत की तरह की जाती है, अपना घर उठा कर नहीं दे दिया जाता!'
'अभी जमींदार का प्यादा आ जाय, तो अपने सिर पर भूसा लाद कर पहुँचाओगे तुम,