प्रमाण देना शुरू किया। मालती जितना उनका आदर करती है, उतना शायद ही किसी का करती हो। रायसाहब और राजा साहब को मुँह तक नहीं लगाती, लेकिन उनसे एक दिन भी मुलाकात न हो, तो शिकायत करती है?
गोविंदी ने इन प्रमाणों को एक फूँक में उड़ा दिया - इसीलिए कि वह तुम्हें सबसे बड़ा आँखों का अंधा समझती है, दूसरों को इतनी आसानी से बेवकूफ नहीं बना सकती।
खन्ना ने डींग मारी - वह चाहें तो आज मालती से विवाह कर सकते हैं। आज, अभी?
मगर गोविंदी
प्रमाण देना शुरू किया। मालती जितना उनका आदर करती है, उतना शायद ही किसी का करती हो। रायसाहब और राजा साहब को मुँह तक नहीं लगाती, लेकिन उनसे एक दिन भी मुलाकात न हो, तो शिकायत करती है?
गोविंदी ने इन प्रमाणों को एक फूँक में उड़ा दिया - इसीलिए कि वह तुम्हें सबसे बड़ा आँखों का अंधा समझती है, दूसरों को इतनी आसानी से बेवकूफ नहीं बना सकती।
खन्ना ने डींग मारी - वह चाहें तो आज मालती से विवाह कर सकते हैं। आज, अभी?
मगर गोविंदी