जिसमें से पानी बह रहा था। उसने जा कर पाँव धोए, चप्पल धोए, हाथ-मुँह धोया, थोड़ा-सा पानी चुल्लू में ले कर पिया और पाइप के उस पार सूखी जमीन पर जा बैठी। उदासी में मौत की याद तुरंत आती है। कहीं वह यहीं बैठे-बैठे मर जाय, तो क्या हो? ताँगे वाला तुरंत जा कर खन्ना को खबर देगा। खन्ना सुनते ही खिल उठेंगे, लेकिन दुनिया को दिखाने के लिए आँखों पर रूमाल रख लेंगे। बच्चों के लिए खिलौने और तमाशे माँ से प्यारे हैं। यह है उसका जीवन, जिसके
जिसमें से पानी बह रहा था। उसने जा कर पाँव धोए, चप्पल धोए, हाथ-मुँह धोया, थोड़ा-सा पानी चुल्लू में ले कर पिया और पाइप के उस पार सूखी जमीन पर जा बैठी। उदासी में मौत की याद तुरंत आती है। कहीं वह यहीं बैठे-बैठे मर जाय, तो क्या हो? ताँगे वाला तुरंत जा कर खन्ना को खबर देगा। खन्ना सुनते ही खिल उठेंगे, लेकिन दुनिया को दिखाने के लिए आँखों पर रूमाल रख लेंगे। बच्चों के लिए खिलौने और तमाशे माँ से प्यारे हैं। यह है उसका जीवन, जिसके