गोदान - Godan

भर में तू एक खेप लाई है। इस हिसाब से तो दिन-भर में भी ऊख न ढुल पाएगी।

धनिया ने त्योरी बदल कर कहा - क्या जरा दम भी न लेने दोगे महाराज! हम भी तो आदमी हैं। तुम्हारी मजूरी करने से बैल नहीं हो गए। जरा मूड़ पर एक गट्ठा लाद कर लाओ तो हाल मालूम हो।

दातादीन बिगड़ उठे - पैसे देते हैं काम करने के लिए, दम मारने के लिए नहीं। दम लेना है, तो घर जा कर लो।

धनिया कुछ कहने ही जा रही थी कि होरी ने फटकार बताई - तू जाती क्यों नहीं धनिया? क्यों हुज्जत कर रही है?


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भर में तू एक खेप लाई है। इस हिसाब से तो दिन-भर में भी ऊख न ढुल पाएगी।

धनिया ने त्योरी बदल कर कहा - क्या जरा दम भी न लेने दोगे महाराज! हम भी तो आदमी हैं। तुम्हारी मजूरी करने से बैल नहीं हो गए। जरा मूड़ पर एक गट्ठा लाद कर लाओ तो हाल मालूम हो।

दातादीन बिगड़ उठे - पैसे देते हैं काम करने के लिए, दम मारने के लिए नहीं। दम लेना है, तो घर जा कर लो।

धनिया कुछ कहने ही जा रही थी कि होरी ने फटकार बताई - तू जाती क्यों नहीं धनिया? क्यों हुज्जत कर रही है?


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