काम करते हो जान दे कर। लड़कों का भाग था, नहीं तुम तो ले ही डूबे थे!
पटेश्वरी ने हँस कर कहा - धनिया तो रो-पीट रही थी।
होरी ने आतुरता से पूछा - सचमुच तू रोती थी धनिया?
धनिया ने पटेश्वरी को पीछे ढकेल कर कहा - इन्हें बकने दो तुम। पूछो, यह क्यों कागद छोड़ कर घर से दौड़े आए थे?
पटेश्वरी ने चिढ़ाया - तुम्हें हीरा-हीरा कह कर रोती थी। अब लाज के मारे मुकरती है। छाती पीट रही थी।
होरी ने धनिया को सजल नेत्रों से देखा - पगली
काम करते हो जान दे कर। लड़कों का भाग था, नहीं तुम तो ले ही डूबे थे!
पटेश्वरी ने हँस कर कहा - धनिया तो रो-पीट रही थी।
होरी ने आतुरता से पूछा - सचमुच तू रोती थी धनिया?
धनिया ने पटेश्वरी को पीछे ढकेल कर कहा - इन्हें बकने दो तुम। पूछो, यह क्यों कागद छोड़ कर घर से दौड़े आए थे?
पटेश्वरी ने चिढ़ाया - तुम्हें हीरा-हीरा कह कर रोती थी। अब लाज के मारे मुकरती है। छाती पीट रही थी।
होरी ने धनिया को सजल नेत्रों से देखा - पगली