लड़का समझदार है। और छोकरों की तरह उड़ाऊ नहीं है। हमारे रुपए अभी न मिलें, तो ब्याज तो दे दो। दिन-दिन बोझ बढ़ ही तो रहा है।
इधर सोना चुन्नू को उसका फ्राक और टोप और जूता पहना कर राजा बना रही थी। बालक इन चीजों को पहनने से ज्यादा हाथ में ले कर खेलना पसंद करता था। अंदर गोबर और झुनिया के मान-मनौवल का अभिनय हो रहा था।
झुनिया ने तिरस्कार-भरी आँखों से देख कर कहा - मुझे ला कर यहाँ बैठा दिया। आप परदेस की राह ली। फिर न खोज न खबर
लड़का समझदार है। और छोकरों की तरह उड़ाऊ नहीं है। हमारे रुपए अभी न मिलें, तो ब्याज तो दे दो। दिन-दिन बोझ बढ़ ही तो रहा है।
इधर सोना चुन्नू को उसका फ्राक और टोप और जूता पहना कर राजा बना रही थी। बालक इन चीजों को पहनने से ज्यादा हाथ में ले कर खेलना पसंद करता था। अंदर गोबर और झुनिया के मान-मनौवल का अभिनय हो रहा था।
झुनिया ने तिरस्कार-भरी आँखों से देख कर कहा - मुझे ला कर यहाँ बैठा दिया। आप परदेस की राह ली। फिर न खोज न खबर