झुनिया ने बच्चे को उसकी गोद से ले लिया और बोली - अब जा कर नहा-धो लो। किस सोच में पड़ गए? यहाँ सबसे लड़ने लगो, तो एक दिन निबाह न हो। जिसके पास पैसे हैं, वही बड़ा आदमी है, वही भला आदमी है। पैसे न हों, तो उस पर सभी रोब जमाते हैं।
'मेरा गधापन था कि घर से भागा, नहीं देखता, कैसे कोई एक धेला डाँड़ लेता है।'
'शहर की हवा खा आए हो, तभी ये बातें सूझने लगी हैं, नहीं घर से भागते ही क्यों!'
'यही जी चाहता है कि लाठी उठाऊँ और पटेश्वरी,
झुनिया ने बच्चे को उसकी गोद से ले लिया और बोली - अब जा कर नहा-धो लो। किस सोच में पड़ गए? यहाँ सबसे लड़ने लगो, तो एक दिन निबाह न हो। जिसके पास पैसे हैं, वही बड़ा आदमी है, वही भला आदमी है। पैसे न हों, तो उस पर सभी रोब जमाते हैं।
'मेरा गधापन था कि घर से भागा, नहीं देखता, कैसे कोई एक धेला डाँड़ लेता है।'
'शहर की हवा खा आए हो, तभी ये बातें सूझने लगी हैं, नहीं घर से भागते ही क्यों!'
'यही जी चाहता है कि लाठी उठाऊँ और पटेश्वरी,