हम दोनों में से एक का अंत हो जाएगा। इस समय पूर्णा को अपने हृदय में एक असीम शक्ति का अनुभव हो रहा था, जो सारे संसार की सेनाओं को अपने पैरों-तले कुचल सकती थी। उसकी आँखों की वह प्रदीप्त ज्वाला, उसकी वह बँधी हुई मुट्ठियाँ और तनी हुई गर्दन देख कर कमलाप्रसाद ठिठक गया, होश आ गए, एक कदम भी आगे बढ़ने की उसे हिम्मत न पड़ी। खड़े-खड़े बोला - 'यह रूप मत धारण करो, पूर्णा। मैं जानता हूँ कि प्रेम-जैसी वस्तु छल-बल से नहीं मिल सकती, न
हम दोनों में से एक का अंत हो जाएगा। इस समय पूर्णा को अपने हृदय में एक असीम शक्ति का अनुभव हो रहा था, जो सारे संसार की सेनाओं को अपने पैरों-तले कुचल सकती थी। उसकी आँखों की वह प्रदीप्त ज्वाला, उसकी वह बँधी हुई मुट्ठियाँ और तनी हुई गर्दन देख कर कमलाप्रसाद ठिठक गया, होश आ गए, एक कदम भी आगे बढ़ने की उसे हिम्मत न पड़ी। खड़े-खड़े बोला - 'यह रूप मत धारण करो, पूर्णा। मैं जानता हूँ कि प्रेम-जैसी वस्तु छल-बल से नहीं मिल सकती, न