के एक युवक ने झल्ला कर कहा - 'आपको यदि यहाँ रहना है, तो शांत हो कर व्याख्यान सुनिए, नहीं तो हॉल से चले जाइए।'
अमृतराय ने जोर से कहा - 'क्या आप लोग फसाद करने पर तुले हुए हैं? याद रखिए, अगर फसाद हुआ, तो इसका दायित्व आपके ऊपर होगा।'
इस पर फिर चारों ओर तालियाँ पड़ीं, और कहकहों ने हॉल की दीवारें हिला दीं।
महिला ने प्रकंपित स्वर में कहा - 'सज्जनो, आपके सम्मुख आपकी बहन-आपकी कन्या खड़ी आपसे एक भिक्षा माँग रही है। उसे निराश न कीजिएगा...'
के एक युवक ने झल्ला कर कहा - 'आपको यदि यहाँ रहना है, तो शांत हो कर व्याख्यान सुनिए, नहीं तो हॉल से चले जाइए।'
अमृतराय ने जोर से कहा - 'क्या आप लोग फसाद करने पर तुले हुए हैं? याद रखिए, अगर फसाद हुआ, तो इसका दायित्व आपके ऊपर होगा।'
इस पर फिर चारों ओर तालियाँ पड़ीं, और कहकहों ने हॉल की दीवारें हिला दीं।
महिला ने प्रकंपित स्वर में कहा - 'सज्जनो, आपके सम्मुख आपकी बहन-आपकी कन्या खड़ी आपसे एक भिक्षा माँग रही है। उसे निराश न कीजिएगा...'