स्त्रियों से कम न होंगी। सब हँसी-खुशी रहती हैं। कोई मर्द अंदर नहीं जाने पाता। अमृत बाबू आप भी अंदर नहीं जाते। हिम्मत का धनी जवान है, सच्चा त्यागी इसी को देखा।'
बूढ़े ने पूछा - 'देर क्यों करती हो बेटी, चलो, मैं तुम्हें वहाँ पहुँचा दूँ। विश्वास मानो, वहाँ तुम बड़े आराम से रहोगी।'
'वहाँ जाने में क्या बुराई है?'
बूढ़े ने झुँझला कर कहा - 'तो यह क्यों नहीं कहती कि तुम्हारे सिर पर दूसरी ही धुन सवार है।'
पूर्णा बूढ़े
स्त्रियों से कम न होंगी। सब हँसी-खुशी रहती हैं। कोई मर्द अंदर नहीं जाने पाता। अमृत बाबू आप भी अंदर नहीं जाते। हिम्मत का धनी जवान है, सच्चा त्यागी इसी को देखा।'
बूढ़े ने पूछा - 'देर क्यों करती हो बेटी, चलो, मैं तुम्हें वहाँ पहुँचा दूँ। विश्वास मानो, वहाँ तुम बड़े आराम से रहोगी।'
'वहाँ जाने में क्या बुराई है?'
बूढ़े ने झुँझला कर कहा - 'तो यह क्यों नहीं कहती कि तुम्हारे सिर पर दूसरी ही धुन सवार है।'
पूर्णा बूढ़े