लोग हैं। अपनी हैसियत के मुताबिक हम भी कुछ सहायता कर देंगे।'
बदरीप्रसाद ने कटाक्ष-भाव से कहा - 'तो चंदा खोल दिया जाए, क्यों? अच्छी बात है, जाओ घूम-घूम कर चंदा जमा करो।'
कमलाप्रसाद - 'मैं क्यों चंदा जमा करने लगा।'
बदरीप्रसाद - 'तब कौन करेगा?'
कमलाप्रसाद इसका कुछ जवाब न दे सके। कुछ देर के बाद बोले - 'आखिर आपने क्या निश्चय किया है?'
बदरीप्रसाद - 'मैं क्या निश्चय करूँगा? मेरे निश्चय का अब मूल्य ही क्या? निश्चय तो वही है,
लोग हैं। अपनी हैसियत के मुताबिक हम भी कुछ सहायता कर देंगे।'
बदरीप्रसाद ने कटाक्ष-भाव से कहा - 'तो चंदा खोल दिया जाए, क्यों? अच्छी बात है, जाओ घूम-घूम कर चंदा जमा करो।'
कमलाप्रसाद - 'मैं क्यों चंदा जमा करने लगा।'
बदरीप्रसाद - 'तब कौन करेगा?'
कमलाप्रसाद इसका कुछ जवाब न दे सके। कुछ देर के बाद बोले - 'आखिर आपने क्या निश्चय किया है?'
बदरीप्रसाद - 'मैं क्या निश्चय करूँगा? मेरे निश्चय का अब मूल्य ही क्या? निश्चय तो वही है,