प्रतिज्ञा - Pratigya

संदेशा तो आया है, पर मैंने जवाब दे दिया।'

दाननाथ - 'जो मेरे जी में आया।'

'यही कि, मुझे स्वीकार नहीं है।'

'नहीं, यह बात नहीं मैं खुद उसके योग्य नहीं हूँ।'

दाननाथ ने बिजली का बटन दबाते हुए कहा - 'तुम इस काम को जितना आसान समझते हो, उतना आसान नहीं है। कम-से-कम मेरे लिए।'

दाननाथ अब भी निश्चिंत नहीं हुए थे। उनके मन में, एक नहीं सैकड़ों बाधाएँ आ रही थीं। इस भय से कि यह नई शंका सुन कर अमृतराय हँस न पड़े, वह स्वयं हँस


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संदेशा तो आया है, पर मैंने जवाब दे दिया।'

दाननाथ - 'जो मेरे जी में आया।'

'यही कि, मुझे स्वीकार नहीं है।'

'नहीं, यह बात नहीं मैं खुद उसके योग्य नहीं हूँ।'

दाननाथ ने बिजली का बटन दबाते हुए कहा - 'तुम इस काम को जितना आसान समझते हो, उतना आसान नहीं है। कम-से-कम मेरे लिए।'

दाननाथ अब भी निश्चिंत नहीं हुए थे। उनके मन में, एक नहीं सैकड़ों बाधाएँ आ रही थीं। इस भय से कि यह नई शंका सुन कर अमृतराय हँस न पड़े, वह स्वयं हँस


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