अफसोस हो रहा है कि पहले दानू से क्यों न विवाह कर दिया। इतने दिनों तक व्यर्थ में अमृतराय का मुँह क्यों ताकता रहा। आखिर वही करना पड़ा।'
बदरीप्रसाद - 'लेकिन प्रेमा उसे स्वीकार करेगी, पहले यह तो निश्चय कर लो। ऐसा न हो, मैं यहाँ हामी भर लूँ और प्रेमा इनकार कर ले। इस विषय में उसकी अनुमति ले लेनी चाहिए।'
बदरीप्रसाद - 'अच्छा, तभी तुम बार-बार मैके जाया करती थी। अब समझा।'
बदरीप्रसाद - 'तुमने अपनी बात कह डाली, तो मैं भी कहे डालता हूँ,
अफसोस हो रहा है कि पहले दानू से क्यों न विवाह कर दिया। इतने दिनों तक व्यर्थ में अमृतराय का मुँह क्यों ताकता रहा। आखिर वही करना पड़ा।'
बदरीप्रसाद - 'लेकिन प्रेमा उसे स्वीकार करेगी, पहले यह तो निश्चय कर लो। ऐसा न हो, मैं यहाँ हामी भर लूँ और प्रेमा इनकार कर ले। इस विषय में उसकी अनुमति ले लेनी चाहिए।'
बदरीप्रसाद - 'अच्छा, तभी तुम बार-बार मैके जाया करती थी। अब समझा।'
बदरीप्रसाद - 'तुमने अपनी बात कह डाली, तो मैं भी कहे डालता हूँ,