प्रतिज्ञा - Pratigya

हाथ से क्यों खत नहीं लिखा? मेरा तो यही कहना है। क्या उसे इतना भी मालूम नहीं कि इसमें मेरा कितना अनादर हुआ? सारी परीक्षाएँ तो पास किए बैठा है। डॉक्टर भी होने जा रहा है, क्या उसको इतना भी नहीं मालूम? स्पष्ट बात है दोनों मिल कर मेरा अपमान करना चाहते हैं।'

बदरीप्रसाद ने हँस कर कहा - 'मैं तुम्हें तलाश करने गया था।'

बदरीप्रसाद ने झेंपते हुए कहा - 'इतना तो मैं भी समझता हूँ, क्या ऐसा गँवार हूँ?'

बदरीप्रसाद - 'मुझे अब यह


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हाथ से क्यों खत नहीं लिखा? मेरा तो यही कहना है। क्या उसे इतना भी मालूम नहीं कि इसमें मेरा कितना अनादर हुआ? सारी परीक्षाएँ तो पास किए बैठा है। डॉक्टर भी होने जा रहा है, क्या उसको इतना भी नहीं मालूम? स्पष्ट बात है दोनों मिल कर मेरा अपमान करना चाहते हैं।'

बदरीप्रसाद ने हँस कर कहा - 'मैं तुम्हें तलाश करने गया था।'

बदरीप्रसाद ने झेंपते हुए कहा - 'इतना तो मैं भी समझता हूँ, क्या ऐसा गँवार हूँ?'

बदरीप्रसाद - 'मुझे अब यह


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