प्रतिज्ञा - Pratigya



बदरीप्रसाद - 'कमलाप्रसाद कहते थे?'

बदरीप्रसाद - 'कमलाप्रसाद झूठ बोल रहा है, सरासर झूठ! दानू को मैं खूब जानता हूँ। उसका-सा सज्जन बहुत कम मैंने देखा है। मुझे तो विश्वास है कि आज अमृतराय के हित के लिए प्राण देने का अवसर आ जाए, तो दानू शौक से प्राण दे देगा। आदमी क्या हीरा है। मुझसे जब मिलता है, बड़ी नम्रता से चरण छू लेता है।'

बदरीप्रसाद - 'अबकी डॉक्टर हो जाएगा।

पत्र का आशय क्या है, प्रेमा इसे तुरंत ताड़ गई। उसका हृदय


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बदरीप्रसाद - 'कमलाप्रसाद कहते थे?'

बदरीप्रसाद - 'कमलाप्रसाद झूठ बोल रहा है, सरासर झूठ! दानू को मैं खूब जानता हूँ। उसका-सा सज्जन बहुत कम मैंने देखा है। मुझे तो विश्वास है कि आज अमृतराय के हित के लिए प्राण देने का अवसर आ जाए, तो दानू शौक से प्राण दे देगा। आदमी क्या हीरा है। मुझसे जब मिलता है, बड़ी नम्रता से चरण छू लेता है।'

बदरीप्रसाद - 'अबकी डॉक्टर हो जाएगा।

पत्र का आशय क्या है, प्रेमा इसे तुरंत ताड़ गई। उसका हृदय


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