1857 का
स्वातंत्र्य समर
विनायक दामोदर सावरकर
उन बलिदानी हुतात्माओं को, जिन्होंने 1857 के स्वातंत्र्य समर में अंग्रेजों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।
वीर सावरकर रचित ‘1857 का स्वातंत्र्य समर’ मात्र इतिहास की पुस्तक नहीं, यह तो स्वयं में इतिहास है। संभवतः, यह विश्व की पहली पुस्तक है, जिसे प्रकाशन के पूर्व ही प्रतिबधित होने का गौरव प्राप्त हुआ। इस पुस्तक के प्रकाशन की संभावना मात्र से सर्वशक्तिमान
1857 का
स्वातंत्र्य समर
विनायक दामोदर सावरकर
उन बलिदानी हुतात्माओं को, जिन्होंने 1857 के स्वातंत्र्य समर में अंग्रेजों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।
वीर सावरकर रचित ‘1857 का स्वातंत्र्य समर’ मात्र इतिहास की पुस्तक नहीं, यह तो स्वयं में इतिहास है। संभवतः, यह विश्व की पहली पुस्तक है, जिसे प्रकाशन के पूर्व ही प्रतिबधित होने का गौरव प्राप्त हुआ। इस पुस्तक के प्रकाशन की संभावना मात्र से सर्वशक्तिमान